प्रिय साथियों,
सृजन योग एवं सेवा संस्थान की स्थापना इस विश्वास के साथ की गई कि योग और सेवा ही जीवन के दो ऐसे स्तंभ हैं जो व्यक्ति को सम्पूर्णता की ओर ले जाते हैं। आज के भागदौड़ भरे जीवन में मनुष्य ने बाहरी सुख-सुविधाओं को तो पा लिया है, परन्तु आंतरिक शांति और संतुलन उससे दूर होते जा रहे हैं।
हमारा उद्देश्य यही है कि योग और ध्यान के माध्यम से हर व्यक्ति अपने भीतर की शांति, स्थिरता और शक्ति को पहचान सके।
योग हमें सिखाता है कि सच्चा सुख भीतर है, और जब मन शांत होता है, तो जीवन में हर दिशा में सकारात्मकता और सफलता का प्रकाश फैलता है।
सृजन योग में हम केवल आसन नहीं सिखाते — हम सिखाते हैं जीवन जीने की कला।
हम सेवा के कार्यों के माध्यम से समाज में प्रेम, करुणा और सहयोग का संदेश फैलाते हैं, क्योंकि सच्चा योग तभी पूर्ण होता है जब वह दूसरों के कल्याण से जुड़ा हो।
मुझे गर्व है कि हमारी संस्था ने न केवल योग प्रशिक्षण में, बल्कि सामाजिक योगदान, महिला सशक्तिकरण, और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। यह सब हमारे प्रशिक्षकों, स्वयंसेवकों और सहभागी सदस्यों की निष्ठा का परिणाम है।
मैं सभी से यही आग्रह करता हूँ कि योग को केवल एक क्रिया न मानें, बल्कि उसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
हर दिन कुछ पल अपने लिए निकालें, स्वयं को पहचानें, और फिर उसी ऊर्जा को समाज की भलाई में लगाएँ।
“जब मन स्थिर होता है, तो जीवन सुंदर होता है — और जब जीवन सुंदर होता है, तो समाज भी प्रकाशमय होता है।”
आपका सहयोग, विश्वास और सहभागिता ही हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।
आइए, हम सब मिलकर योग और सेवा के इस पवित्र पथ पर आगे बढ़ें और एक स्वस्थ, सजग और करुणामय समाज का निर्माण करें।
सप्रेम एवं शुभकामनाओं सहित,
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– [आपका नाम]
निदेशक, सृजन योग एवं सेवा संस्थान
📍 कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश

