योग हमें भीतर से जोड़ता है, लेकिन सेवा हमें संसार से जोड़ती है।
जब हम दूसरों के लिए कुछ करते हैं, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो, वह हमें भीतर से मजबूत और संतुष्ट बनाता है।
सेवा केवल दान नहीं है — यह करुणा, प्रेम और सहानुभूति का अभ्यास है।
सृजन योग एवं सेवा संस्थान में हम मानते हैं कि योग का सही अर्थ तभी पूरा होता है जब हम अपनी साधना को समाज के कल्याण से जोड़ते हैं।
चाहे वह भोजन वितरण हो, स्वास्थ्य शिविर या वृक्षारोपण — हर कार्य सेवा की भावना से प्रेरित होता है।